Skip to content
Friday, 30 October 2026
BREAKING
HEALTH

धनुरासन से साइटिका दर्द में मिलेगा आराम

New Delhi, 1 January. साइटिका एक आम लेकिन कष्टदायक समस्या है, जो पीठ के निचले हिस्से से शुरू होकर कूल्हे, जांघ और पैर तक तेज दर्द पहुंचाती है। यह समस्या साइटिक नर्व के दबाव या सूजन के कारण होती है, जो शरीर की सबसे बड़ी नर्व होती है। राहत की बात यह है कि योगासन के माध्यम से इस समस्या में आराम पाया जा सकता है।

साइटिका के लक्षणों में तेज दर्द के साथ-साथ सुन्नपन, झुनझुनी या पैर में कमजोरी भी हो सकती है। अधिकतर मामलों में इसका कारण हर्नियेटेड डिस्क (स्लिप डिस्क) या हड्डियों में स्पर्स बनना होता है। आराम, फिजियोथेरेपी और योग अभ्यास से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित या ठीक किया जा सकता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन का रोजाना अभ्यास साइटिका के दर्द में लाभकारी होता है। मंत्रालय के मुताबिक, धनुरासन केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि कई शारीरिक समस्याओं का प्रभावशाली इलाज है। यह खासतौर पर पीठ दर्द, साइटिका और स्लिप डिस्क जैसी परेशानियों में राहत देता है। नियमित अभ्यास से साइटिक नर्व पर दबाव कम होता है, रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और दर्द में आराम मिलता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, धनुरासन पाचन संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज, अपच और गैस में भी मददगार है क्योंकि यह पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालकर अंगों को सक्रिय करता है। इसके अन्य फायदे भी हैं: यह पीठ, कंधे और छाती की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है जिससे पोस्चर सुधरता है और कमर दर्द से राहत मिलती है। पेट की मांसपेशियों को टोन करता है, जिससे पेट की चर्बी कम होती है। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और सांस की समस्याओं जैसे अस्थमा में आराम देता है। तनाव और थकान को दूर करके ऊर्जा स्तर बढ़ाता है।

धनुरासन महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता और दर्द को कम करने में भी सहायक है। कुल मिलाकर, यह आसन पूरे शरीर की लचीलापन बढ़ाता है और समग्र सेहत में सुधार करता है।

धनुरासन करने के लिए पेट के बल लेटें, पैरों की एड़ियों को हाथों से पकड़ें और छाती व जांघों को ऊपर उठाएं, शरीर को धनुष की तरह मोड़ें। शुरुआत में इसे 10-20 सेकंड तक रखें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। हालांकि, गर्भवती महिलाएं, उच्च रक्तचाप वाले या गंभीर पीठ दर्द वाले लोग डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से परामर्श लेकर ही अभ्यास करें।

– एमटी/डीकेपी